. किसी भी क्रिया को पूरी करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पडते हैं; जैसे – “वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।”जकड़ना क्रिया तभी संपन्न हो पाएगी जब कोई व्यक्ति (वह) जकड़नेवाला हो, कोई वस्तु (शिकार) हो जिसे जकड़ा जाए। इन भूमिकाओं की प्रकृति अलग-अलग है। व्याकरण में ये भूमिकाएँ कारकों के अलग-अलग भेदों; जैसे – कर्ता, कर्म, करण आदि से स्पष्ट होती हैं।
Question
. किसी भी क्रिया को पूरी करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पडते हैं; जैसे – “वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।”जकड़ना क्रिया तभी संपन्न हो पाएगी जब कोई व्यक्ति (वह) जकड़नेवाला हो, कोई वस्तु (शिकार) हो जिसे जकड़ा जाए। इन भूमिकाओं की प्रकृति अलग-अलग है। व्याकरण में ये भूमिकाएँ कारकों के अलग-अलग भेदों; जैसे – कर्ता, कर्म, करण आदि से स्पष्ट होती हैं।
Solution 1
इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए, हमें पहले इस पाठ को समझना होगा। इस पाठ में बताया गया है कि किसी भी क्रिया को पूरा करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पडते हैं। उदाहरण के रूप में दिया गया है कि "वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।" इस वाक्य में, "जकड़ना" क्रिया है और इसे संपन्न करने के लिए एक कर्ता (वह) और एक कर्म (शिकार) की आवश्यकता होती है। इन भूमिकाओं की प्रकृति अलग-अलग होती है और व्याकरण में इन्हें कारकों के भेदों में वर्गीकृत किया जाता है।
Solution 2
इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए, हमें पहले इस पाठ को समझना होगा। इस पाठ में बताया गया है कि किसी भी क्रिया को पूरा करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पडते हैं। उदाहरण के रूप में दिया गया है कि "वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।" इस वाक्य में, "जकड़ना" क्रिया है और इसे संपन्न करने के लिए एक कर्ता (वह) और एक कर्म (शिकार) की आवश्यकता होती है। इन भूमिकाओं की प्रकृति अलग-अलग होती है और व्याकरण में इन्हें कारकों के भेदों में वर्गीकृत किया जाता है।
Solution 3
इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए, हमें पहले इस पाठ को समझना होगा। इस पाठ में बताया गया है कि किसी भी क्रिया को पूरा करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पडते हैं। उदाहरण के रूप में दिया गया है कि "वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।" इस वाक्य में, "जकड़ना" क्रिया है और इसे संपन्न करने के लिए एक कर्ता (वह) और एक कर्म (शिकार) की आवश्यकता होती है। इन भूमिकाओं की प्रकृति अलग-अलग होती है और व्याकरण में इन्हें कारकों के भेदों में वर्गीकृत किया जाता है।
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